नई दिल्ली. 1 अक्टूबर से कई नियमों में बदलाव हो रहे हैं जिनका संबंध सीधे आपकी जेब से है. यूपीआई पेमेंट से जुड़े कई नियम भी नए महीने की पहली तारीख से बदल जाएंगे. इसी तरह छोटी बचत योजनाओं पर भी ब्याज दरों में बदलाव आ सकता है. दशहरे से पहले एलपीजी की कीमत में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
एनपीएस में बदलाव
नैशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में 1 अक्टूबर से बड़े बदलाव होने वाले हैं. अब गैर-सरकारी सेक्टर के एनपीएस सब्सक्राइबर एक ही स्कीम में 100 प्रतिशत तक इक्विटी में निवेश कर सकेंगे. हालांकि इससे रिटर्न का रिस्क बढ़ सकता है. यह पूरी तरह से निवेशकों पर निर्भर करेगा कि उन्हें 100 फीसदी पैसा मार्केट में लगाना है या नहीं. इसी तरह निवेशकों को एमएसएफ (मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क) के तहत प्रान नंबर दिया जाएगा, जिसमें वे अलग-अलग स्कीम मैनेज कर सकते हैं.
इंडेक्स ऑप्शन पर नया नियम
बाजार नियामक सेबी की ओर से जारी इक्विटी इंडेक्स डेरिवेटिव्स में इंट्राडे पॉजिशन की निगरानी का नया फ्रेमवर्क 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा इसका मकसद बड़े एक्सपोजर से होने वाले जोखिमों को रोकना है. सीधे शब्दों में कहें तो, सेबी का नया नियम ट्रेडिंग के दौरान व्यक्तिगत संस्थाओं द्वारा रखी गई बड़ी ट्रेडिंग पॉजिशन की निगरानी करेगा.
विदेशियों का भारत आना आसान
1 अक्टूबर से विदेशियों के लिए भारत आना आसान हो जाएगा. उन्हें इमिग्रेशन काउंटर पर लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ये ऑनलाइन डिजिटल अराइवल कार्ड भर सकेंगे. कोई भी दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी. भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्ड धारकों को इसे भरने की जरूरत नहीं होगी.
आधार लिंक्ड ट्रेन टिकट बुकिंग
भारतीय रेलवे 1 अक्टूबर से आरक्षण विंडो के पहले 15 मिनट के लिए केवल आधार लिंक्ड आईआरसीटीसी खातों के माध्यम से यात्री टिकट बुकिंग की अनुमति देगा. नया नियम विशेष रूप से आईआरसीटीसी की वेबसाइट और उसके मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग पर लागू होगा. ऑनलाइन ट्रेन बुकिंग खुलने के पहले 15 मिनट में सिर्फ वे ही लोग ट्रेन टिकट बुक कर पाएंगे जो आधार प्रमाणित हैं. यानी जिन लोगों का आधार कार्ड उनके आईआरसीटीसी अकाउंट से लिंक है.
छोटी बचत पर ब्याज
सरकार पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, नेशनल सेविंग्स स्कीम और सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम जैसी छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज की हर तिमाही समीक्षा करती है. यह समीक्षा आज होगी. इस समीक्षा के बाद नई ब्याज दरें घोषित की जाएंगी. ये नई दरें अक्टूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही के लिए लागू होंगी. माना जा रहा है कि इस बार इन योजनाओं पर ब्याज में कटौती की जा सकती है.
एलपीजी सिलेंडर की कीमत
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 सितंबर को 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में लगातार पांचवें महीने कटौती की थी. लेकिन घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया. दिल्ली में आम उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत 853 रुपये बनी हुई है.
रेपो रेट और लोन की किस्त
आरबीआई की एमपीसी की सोमवार से बैठक शुरू हो चुकी है. इसमें लिए गए फैसलों की जानकारी बुधवार को मिलेगी. आरबीआई इस साल रेपो रेट में तीन बार में 1 फीसदी कटौती कर चुका है. हालांकि इस बार कटौती कम है. अगर इसमें कोई बदलाव होगा तो इसका असर आपके लोन की किस्त पर पड़ेगा. लेकिन इससे एफडी पर ब्याज में गिरावट आ सकती है.
यूपीआई में बदलाव
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई के लिए नए नियम जारी किए हैं. इन बदले हुए नियमों के अनुसार 1 अक्टूबर 2025 से यूपीआई ऐप्स पर एक बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल होने वाला फीचर पीयर-टू-पीयर (पी2पी) कलेक्ट रिक्वेस्ट हटा दिया जाएगा. अगर आपको यूपीआई ऐप्स से पेमेंट करनी होगी, तो आपको इसके लिए क्यूआर कोड स्कैन या कॉन्टैक्ट नंबर को चुनना होगा. इसके बिना किसी तीसरे तरीके से यूपीआई पेमेंट नहीं हो पाएगी. जानकारों का मानना है कि इससे यूपीआई यूजर्स के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में भारी गिरावट आएगी.
स्पीड पोस्ट भेजना होगा महंगा
डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट (डॉक्यूमेंट) के शुल्क में बदलाव किया है. कुछ जगह के लिए शुल्क में कमी की गई है तो वहीं ज्यादातर के लिए चार्ज बढ़ाया गया है. इसके साथ ही डाक विभाग ने कुछ नई सुविधाएं भी शुरू की हैं. इनमें ओटीपी आधारित डिलीवरी, रियल टाइम ट्रैकिंग ट्रैकिंग और ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं. संचार मंत्रालय ने बताया कि ये बदले हुए शुल्क 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे.
ऑनलाइन गेमिंग पर सख्ती
सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को और पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने के लिए नया कानून लागू कर दिया है. अब गेमिंग कंपनियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी. इसका मकसद खिलाडिय़ों को धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से बचाना है, ताकि इंडस्ट्री में भरोसा और पारदर्शिता बनी रहे. अब सभी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को सरकार से लाइसेंस लेना होगा. ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग में भाग लेने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल होगी.
