दो दिन की बच्ची के दिल में छेद, अवकाश के दिन खुला ऑफिस, नवजात को किया जाएगा एयरलिफ्ट..!


 जबलपुर. एमपी के जबलपुर में दो दिन की बच्ची के दिल में छेद होने की खबर के बाद ही उसके इलाज के लिए न सिर्फ छुटटी के दिन ऑफिस खोला गया बल्कि उसे ऑपरेशन के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है. एमपी में यह पहली बार है जब दो दिन की बच्ची के इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है. बच्ची को एयर एम्बुलेंस से 6 नवम्बर को मुंबई के नारायण अस्पताल ले जाया जाएगा.

सिहोरा में रहने वाले सतेंद्र दाहिया की पत्नी शशि दहिया ने सोमवार दोपहर जुड़वां बच्चों को जन्म दिया. जन्म के बाद डॉक्टर ने दोनों बच्चों की जांच की तो पता चला कि लड़का तो पूरी तरह से स्वस्थ है. लेकिन बच्ची गंभीर बीमारी से जूझ रही है. बच्ची के दिल में छेद है और जल्द इलाज न मिले तो उसकी जान जा सकती है. मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए राज्य सरकार आगे आई. छुट्टी के दिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का ऑफिस खोला गया. सीएमएचओ से लेकर जिला प्रबंधक, बाबू ने कार्यालय खोला और सिर्फ डेढ़ घंटे में दस्तावेज तैयार कर लिए. मासूम की उम्र सिर्फ दो दिन थी. ऐसे में उसे जल्द से जल्द इलाज की जरूरत थी.

लिहाजा इसके लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है. आज  खोला गया, और सतेन्द्र बच्ची के पूरे दस्तावेज लेकर ऑफिस पहुंचे, जहां पर आफिस खोला गया और दस्तावेज तैयार करना शुरू किया गया. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला प्रबंधक टीम के साथ दस्तावेज तैयार करवाने में जुट गए. आरबीएसके तहत जितने भी दस्तावेज और बच्ची के इलाज से संबंधित कागज लगने थे, उसे तैयार करने के बाद सीएमएचओ को इसकी जानकारी दी गई. कुछ ही देर में सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा भी ऑफिस पहुंच गए. जहां उनके साइन होने के बाद बच्ची के इलाज को लेकर सारे दस्तावेज तैयार हुए.

गौरतलब है कि सतेंद्र और उसके परिवार की हालत इतनी अच्छी नहीं थीए कि वह खुद के खर्च से बच्ची का इलाज कराने के लिए मुंबई जा सके. ऐसे में मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई. स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ डॉ विनिता उप्पल और श्रेय अवस्थी ने एयर एम्बुलेंस के लिए अधिकारियों से बात करते हुए दस्तावेज तैयार करवाए और गुरुवार को दो दिन की बच्ची को एयरलिफ्ट करते हुए मुंबई के नारायणा अस्पताल भेजा जाएगा. सुभाष शुक्ला ने बताया कि बच्ची की हालत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जो कि सफल रहा है.

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