जबलपुर। संस्कारधानी के डुमना एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए अब सफर अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होने जा रहा है क्योंकि लंबे समय से टैक्सी चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अनूठी और तकनीकी पहल की है। अक्सर देखा जाता था कि बाहरी शहरों से आने वाले यात्री टैक्सी संचालकों की 'लूट' का शिकार हो जाते थे और उचित मंच न मिलने के कारण उनकी शिकायतें अनसुनी रह जाती थीं। इसी समस्या के स्थाई समाधान के रूप में अब एयरपोर्ट परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर विशेष क्यूआर कोड (QR Code) चस्पा किए गए हैं, जिनके जरिए कोई भी पीड़ित यात्री सीधे पुलिस तक अपनी बात पहुँचा सकेगा।
डुमना एयरपोर्ट पर टैक्सी और ऑटो चालकों द्वारा यात्रियों से तय दरों से कहीं अधिक किराया मांगने और विरोध करने पर अभद्रता करने की खबरें लगातार सोशल मीडिया और पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुँच रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए जबलपुर पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है। अब यात्रियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही घंटों इंतजार करना होगा। यात्री अपने स्मार्टफोन से बस एक स्कैन के जरिए सीधे पुलिस के पोर्टल से जुड़ सकेंगे, जहाँ वे टैक्सी का नंबर, चालक का व्यवहार और वसूले गए किराए की विस्तृत जानकारी साझा कर सकते हैं। यह सिस्टम सीधा पुलिस अधीक्षक कार्यालय और संबंधित थाना क्षेत्र से जुड़ा होगा, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
पुलिस की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के मन से असुरक्षा का भाव खत्म करना और टैक्सी संचालकों के बीच कानून का डर पैदा करना है। एयरपोर्ट प्रबंधन और स्थानीय पुलिस ने मिलकर टैक्सी स्टैंड पर भी इन कोड्स को प्रदर्शित किया है ताकि यात्रियों को देखते ही यह सुविधा उपलब्ध हो सके। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस डिजिटल हस्तक्षेप से बिचौलियों और मनमानी करने वाले तत्वों पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही, पुलिस टैक्सी संचालकों का नया डेटाबेस भी तैयार कर रही है ताकि हर चालक की पहचान और उसका रिकॉर्ड पुलिस के पास सुरक्षित रहे। यदि किसी चालक के खिलाफ बार-बार शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो उसका परमिट रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
इस पहल का असर न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि जबलपुर की छवि सुधारने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि एयरपोर्ट किसी भी शहर का प्रवेश द्वार होता है और वहाँ यात्रियों के साथ होने वाला व्यवहार पूरे शहर की मानसिकता को दर्शाता है। पर्यटकों और व्यवसायियों ने पुलिस की इस त्वरित सोच की सराहना की है। पुलिस प्रशासन ने टैक्सी यूनियनों के साथ भी बैठक कर उन्हें स्पष्ट हिदायत दी है कि वे निर्धारित रेट लिस्ट का पालन करें और यात्रियों के साथ शिष्ट व्यवहार रखें। आने वाले समय में इस क्यूआर कोड व्यवस्था को शहर के रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर भी लागू करने की योजना है। जबलपुर पुलिस की यह डिजिटल 'सर्जिकल स्ट्राइक' टैक्सी माफियाओं के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि अब यात्रियों की जेब पर डाका डालना उन्हें भारी पड़ सकता है।
