जबलपुर. व्यस्ततम क्षेत्रों में शुमार गोहलपुर क्षेत्र की जनता के लिए आज का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया है जहां वर्षों से लंबित जाम की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है. शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने और नागरिकों को रोजाना के मानसिक तनाव और घंटों की बर्बादी से निजात दिलाने के लिए महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' ने एक बड़ा साहसिक कदम उठाया है. महापौर ने गोहलपुर पुलिया का औचक निरीक्षण करते हुए न केवल वहां की जमीनी हकीकत जानी बल्कि मौके पर ही क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए पुलिया के चौड़ीकरण के ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है. यह पूरा प्रोजेक्ट जबलपुर के विकास पथ पर एक मील का पत्थर साबित होने वाला है क्योंकि प्रशासन ने इसके लिए न केवल भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है बल्कि एक बेहद सख्त समय सीमा भी निर्धारित की है ताकि जनता को जल्द से जल्द राहत मिल सके.
इस महत्वाकांक्षी योजना के वित्तीय और तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए महापौर श्री अन्नू ने घोषणा की है कि गोहलपुर पुलिया के नवनिर्माण और इसके व्यापक विस्तार के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए का औपचारिक टेंडर जारी कर दिया गया है. वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो यह पुलिया मात्र 30 फीट चौड़ी है जो आज के दौर के बढ़ते वाहनों के दबाव को झेलने में पूरी तरह से अक्षम साबित हो रही थी. संकरी सड़क और भारी यातायात के कारण यहां पीक ऑवर्स में स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता है. नए प्रोजेक्ट के तहत इस पुलिया की चौड़ाई को 30 फीट से बढ़ाकर सीधा 80 फीट करने का निर्णय लिया गया है जो कि वर्तमान आकार से लगभग ढाई गुना अधिक है. 80 फीट की यह विशाल चौड़ाई न केवल चार पहिया और भारी वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाएगी बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यातायात के सुचारू प्रवाह को भी सुनिश्चित करेगी.
नगर निगम प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट की गंभीरता को समझते हुए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है जिसके तहत निर्माण कार्य की शुरुआत और उसके पूर्ण होने की तिथियां पहले ही तय कर दी गई हैं. महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस प्रोजेक्ट का वास्तविक कार्य मार्च 2026 में पूरी गति के साथ धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून की चुनौतियों के बावजूद जुलाई 2026 तक इस पुलिया का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए और इसे जनता के उपयोग के लिए समर्पित कर दिया जाए. समय सीमा के निर्धारण के पीछे मुख्य मंशा यह है कि निर्माण कार्य में होने वाली देरी से नागरिकों को अतिरिक्त परेशानी न हो और आने वाले वर्ष के मानसून तक क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाए. जुलाई की समय सीमा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गोहलपुर क्षेत्र में अक्सर बारिश के दौरान जलभराव और संकरे रास्तों के कारण बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो जाती थी जिसे यह नई पुलिया हमेशा के लिए समाप्त कर देगी.
संस्कारधानी के विकास को गति देने के संकल्प के साथ महापौर ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय निवासियों और व्यापारियों से भी संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि विकास की इस प्रक्रिया में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. गोहलपुर पुलिया का यह विस्तार केवल एक बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं है बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी तेज करेगा क्योंकि जाम मुक्त मार्ग से व्यापारिक आवाजाही आसान होगी. महापौर ने कहा कि वे शहर के हर उस 'बॉटलनेक' को चिन्हित कर रहे हैं जहां यातायात फंसता है और गोहलपुर इस सूची में सबसे ऊपर था. इस मौके पर उनके साथ नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, एमआईसी सदस्य विवेक राम सोनकर और दामोदर सोनी सहित निगम के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने मौके पर ही प्रोजेक्ट के नक्शे और ड्रेनेज सिस्टम की बारीकियों पर चर्चा की.
मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ तैयार होने वाली यह 80 फीट चौड़ी पुलिया न केवल उत्तर जबलपुर और मध्य जबलपुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग को राहत देगी बल्कि आसपास की कॉलोनियों के हजारों परिवारों के लिए भी खुशहाली का संदेश लेकर आएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाएगी ताकि जनता को कम से कम असुविधा हो. इस घोषणा के बाद से ही क्षेत्र में हर्ष की लहर है और इसे महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. 3.50 करोड़ की यह निवेश राशि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा निवेश है जो आने वाले दशकों तक शहर की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करेगा. जबलपुर की जनता अब मार्च महीने का इंतजार कर रही है जब इस कागजी टेंडर की चमक धरातल पर ईंट और कंक्रीट के रूप में आकार लेना शुरू करेगी.
