महाधिवक्ता ऑफिस में लॉ अधिकारी की नियुक्ति पर उठा विवाद, अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका

 


जबलपुर. एमपी के महाधिवक्ता कार्यालय ने हाल ही में 157 लॉ अधिकारियों  की सूची जारी की. इसके बाद जबलपुर के अधिवक्ता योगेश सोनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इसमें मनमानी हुई है. मामले में सुनवाई इसी हफ्ते हो सकती है.

योगेश सोनी का कहना है कि 2013 की राजपत्र अधिसूचना में साफ लिखा गया है कि सरकारी अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए कम से कम 10 साल का अनुभव जरूरी है. लेकिन इस बार कई ऐसे लोग भी नियुक्त किए गए हैं जिनका अनुभव 10 साल से कम है. उन्होंने यह भी बताया कि इस बार लॉ अधिकारी बनने के लिए सैकड़ों अधिवक्ताओं ने आवेदन दिए थे. आवेदन भले ही फार्म में मांगे गए लेकिन यह सार्वजनिक नहीं किया गया कि किस आधार पर आवेदन जांचे और चुने गए.

योगेश सोनी का कहना है कि न तो कोई मापदंड बताए गए न अंक प्रणाली बनाई गई, न ही यह बताया गया कि किसी को क्यों अस्वीकार किया गया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि महाधिवक्ता कार्यालय में नियुक्तियों में पारदर्शिता जरूरी है. सरकारी वकीलों की नियुक्ति केवल अनुभव, योग्यता, ईमानदारी व उपयुक्तता के आधार पर होनी चाहिए.

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