एमपी : एसडीएम कार्यालय में अचानक लगी आग, नरसिंहपुर में भारी प्रयासों के बाद सरकारी फाइलों को बचाया


नरसिंहपुर. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिला मुख्यालय स्थित एसडीएम कार्यालय परिसर में आग लग गई. लोगों ने रविवार की शाम को बंद कार्यालय से धुआं निकलते देखा, जो बाद में तेज लपटों में बदल गया. राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि अवकाश होने के कारण कार्यालय में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था. प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से आग को समय रहते काबू में कर लिया गया, जिससे सरकारी रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित बचाये जा सके.

यह घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है. नरसिंहपुर एसडीएम कार्यालय के बाहरी बरामदे वाले हिस्से में अचानक आग भड़क उठी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग लगने की वजह बिजली बोर्ड में हुआ शॉर्ट सर्किट हो सकता है. जिस स्थान पर आग लगी, वहांमहत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे. आग की चपेट में आने से ये दस्तावेज पूरी तरह जलकर राख हो गए. हालांकि, आग मुख्य कार्यालय कक्ष और रिकॉर्ड रूम तक नहीं पहुंच पाई, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया.

जैसे ही आग की लपटें उठती दिखीं, आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई कि स्ष्ठरू ऑफिस में आग लग गई है. कई लोग अपने-अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए. बताया कि शुरुआत में धुआं ज्यादा दिखाई दिया, जिससे लगा कि आग अंदर तक फैल सकती है. इसी डर के कारण तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई.

 तत्परता से टली बड़ी घटना

सूचना मिलते ही एसडीएम मणिन्द्र कुमार सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी गौरव चाटे अपनी-अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका की फायर ब्रिगेड को तुरंत बुलाया गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. दमकल कर्मियों ने तेजी से काम करते हुए आग को फैलने से रोका. यदि कुछ और देर हो जाती, तो आग कार्यालय के अंदर प्रवेश कर सकती थी, जिससे महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड खाक हो सकते थे.

प्रशासन ने ली राहत की सांस

आग बुझने के बाद एसडीएम मणिन्द्र कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ कार्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि मुख्य फाइलें, रिकॉर्ड रूम और कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं. यह एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज इसी कार्यालय में रखे होते हैं. यदि आग अंदर तक पहुंच जाती, तो प्रशासनिक कामकाज पर गंभीर असर पड़ सकता था. 

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