हाईकोर्ट में नर्सिंग कॉलेज फर्जी मान्यता मामला फिर उठा, कोर्ट ने कहा, छात्रों की शिफ्टिंग को लेकर अब तक क्या किया शपथ पत्र दें

 

जबलपुर. एमपी में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुई अनियमितताओं को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई. सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के भविष्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया.

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की युगलपीठ ने नर्सिंग काउंसिल को निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक अनसूटेबल संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों की शिफ्टिंग को लेकर अब तक की गई कार्यवाही की गई है. हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के पालन में उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से पेश की जाए. मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की गई है. लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की ओर से दायर जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सुनवाई की.

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई जांच में अनसूटेबल पाए गए सैकड़ों संस्थानों में अध्ययनरत हजारों छात्रों का भविष्य संकट में है. अधिवक्ता वागरेचा ने कहा कि हाईकोर्ट ने 28 मार्च 2025 और 21 अगस्त 2025 को स्पष्ट आदेश दिए थे कि इन छात्रों को पात्र नर्सिंग कॉलेजों में शिफ्ट किया जाए लेकिन जानबूझकर इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है. स्थिति यह है कि छात्र आज भी कागजों में उन्हीं अपात्र कॉलेजों में अध्ययनरत दिखाए जा रहे हैं. जिनके पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही जरूरी फैकल्टी.
 

Post a Comment

Previous Post Next Post