गोरखपुर थाना क्षेत्र में पति की हैवानियत के चलते एक महिला की जान पर बन आई

 


जबलपुर. गोरखपुर थाना परिसर में शनिवार की दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया और वहां मौजूद पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए, जब एक महिला गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ हालत में न्याय की गुहार लगाने पहुंची। पीड़िता की पहचान सुषमा राव के रूप में हुई है, जिसकी करुण स्थिति और शरीर से बहते रक्त को देखकर थाने में मौजूद हर व्यक्ति सिहर उठा। पीड़ित महिला ने रुंधे गले और दर्द से कराहते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जो समाज के भीतर घर कर रही घरेलू हिंसा की उस वीभत्सव तस्वीर को उजागर करती है जहां एक पत्नी द्वारा पति को जिम्मेदारी का अहसास कराना ही उसके लिए गुनाह बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुषमा राव का पति कुंदन राव पिछले लंबे समय से बिना किसी रोजगार के घर पर बैठा हुआ है, जिससे परिवार के सामने आर्थिक संकट का पहाड़ खड़ा हो गया है। घर की माली हालत इस कदर बिगड़ चुकी है कि बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी अब एक चुनौती बन गया है। दंपति का एक ११ साल का मासूम बेटा भी है, जिसकी शिक्षा और भविष्य की चिंता ने सुषमा को झकझोर कर रख दिया था। शनिवार दोपहर करीब २ बजे जब खर्चों के बढ़ते बोझ और घर की तंगहाली से तंग आकर सुषमा ने अपने पति कुंदन से काम पर जाने और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया, तो कुंदन को यह नेक सलाह नागवार गुजरी।

आरोपी पति अपनी कमियों को स्वीकार करने के बजाय आक्रोश से भर उठा और उसने आव देखा न ताव, अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़िता के शरीर से भारी मात्रा में रक्त स्राव हो रहा था और वह बमुश्किल पैदल चलते हुए थाने तक अपनी जान बचाकर पहुंची। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने केवल अपने बच्चे के भविष्य और घर की आजीविका के लिए पति को काम ढूंढने को कहा था, लेकिन पति ने इसे अपना अपमान समझा और हिंसक हो गया। गोरखपुर पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा और उसकी शिकायत के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि कुंदन अक्सर घर में विवाद करता था, लेकिन बात इस हद तक बढ़ जाएगी, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

पत्रकारिता के दृष्टिकोण से यह घटना केवल एक घरेलू विवाद नहीं है, बल्कि यह बेरोजगारी से उपजे मानसिक तनाव और समाज में बढ़ती असुरक्षा का भी संकेत है। एक मासूम बच्चे के सामने उसकी मां पर इस तरह का जानलेवा हमला बच्चे के मानस पटल पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि महिला की सुरक्षा और न्याय के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। शहर के बीचों-बीच स्थित थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। समाज में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि कैसे एक पुरुष अपनी जिम्मेदारी निभाने की सलाह पर इतना हिंसक हो सकता है कि वह अपनी अर्धांगिनी के खून का प्यासा हो जाए। फिलहाल सुषमा राव का उपचार जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसके शरीर के घावों से कहीं अधिक गहरे वो जख्म हैं जो उसके भरोसे और ममता पर उसके अपने पति ने दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया है। इस घटना ने पूरे जबलपुर को झकझोर कर रख दिया है और लोग पीड़िता के साहस की सराहना कर रहे हैं कि उसने उस हालत में भी हार नहीं मानी और अपराधी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए थाने तक पहुंची।

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