नगर निगम की सख्त कार्रवाई से ट्रांसपोर्ट नगर में हड़कंप, 200 बोरी प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त, एक लाख रुपये का जुर्माना


 जबलपुर. नगर निगम ने प्लास्टिक मुक्त शहर के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने चंडाल भाटा क्षेत्र में दबिश देकर प्रतिबंधित पॉलीथिन के एक विशाल साम्राज्य का भंडाफोड़ किया. यह पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय और सुनियोजित थी कि अवैध भंडारण करने वालों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. स्वास्थ्य विभाग को पुख्ता सूचना मिली थी कि चंडाल भाटा स्थित नट बस्ती के ‘दीपक रोड लाइंस’ के गोदाम में भारी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथिन छिपाकर रखी गई है, जिसे शहर के विभिन्न हिस्सों में खपाने की तैयारी थी.

जब नगर निगम की टीम लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंची और गोदाम के शटर उठाए गए, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए. पूरे गोदाम में बोरियों का अंबार लगा था, जिनमें पर्यावरण के लिए घातक और शासन द्वारा पूरी तरह प्रतिबंधित प्लास्टिक की थैलियां भरी हुई थीं. एक-एक कर जब बोरियों की गिनती शुरू हुई, तो आंकड़ा 200 बोरियों तक जा पहुंचा. यह खेप शहर की नालियों को चोक करने और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचाने के लिए पर्याप्त थी. निगम की टीम ने तत्काल प्रभाव से इन सभी 200 बोरियों को अपने कब्जे में ले लिया. केवल जब्ती तक ही यह कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि नगर निगम ने सख्त तेवर दिखाते हुए संबंधित पक्ष पर मौके पर ही 1 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया. यह स्पॉट फाइन उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो चंद रुपयों के मुनाफे के लिए शहर की स्वच्छता और सरकारी नियमों को ताक पर रख देते हैं.

नगर निगम की इस धुआंधार कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. मौके पर अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान खुद मोर्चा संभाले हुए थे, जिनके साथ स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन और सहायक नोडल अधिकारी अभिनव मिश्रा रणनीति के अनुसार टीम का नेतृत्व कर रहे थे. कार्रवाई के दौरान सहायक स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र राज, अर्जुन यादव और मुख्य स्वच्छता निरीक्षक अनंत दुबे व राधा पवार ने बारीकी से गोदाम के कोने-कोने की तलाशी ली. इस अभियान में किशन दुबे और दल प्रभारी लक्ष्मण कोरी सहित निगम के अन्य कर्मचारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जबलपुर को प्रदूषण मुक्त बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और छापेमारी जारी रहेगी.

निगम की इस कार्रवाई से ट्रांसपोर्ट नगर सहित पूरे व्यापारिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि थोक परिवहन के नाम पर प्रतिबंधित प्लास्टिक की आवक शहर में हो रही है. आज की इस बड़ी जब्ती ने उस नेटवर्क पर कड़ी चोट की है जो चोरी-छिपे पर्यावरण के दुश्मनों को बाजार में सप्लाई करता है. निगमायुक्त ने आम जनता और व्यापारियों से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग न करें और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें. यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम ने यह भी साफ कर दिया है कि जुर्माना और जब्ती के साथ-साथ गंभीर मामलों में कानूनी प्रकरण भी दर्ज कराए जा सकते हैं. आज की इस सफलता के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है, जहां से यह माल शहर के भीतर भेजा जाना था. कुल मिलाकर, जबलपुर नगर निगम ने 200 बोरी पॉलीथिन जब्त कर और 1 लाख का जुर्माना लगाकर यह साबित कर दिया है कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर भी पूरी सख्ती के साथ लागू है.

Post a Comment

Previous Post Next Post