जबलपुर. संस्कारधानी के रांझी थाना अंतर्गत सिविल अस्पताल के समीप आज उस वक्त सनसनी फैल गई जब पुरानी रंजिश को लेकर एक सिरफिरे युवक ने पिता और पुत्र पर सरेआम चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आला अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित घेराबंदी करते हुए पुलिस ने आरोपी को महज कुछ ही घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। इस घटना ने एक बार फिर शहर की कानून व्यवस्था और सरेराह होने वाले अपराधों पर बहस छेड़ दी है, हालांकि पुलिस की मुस्तैदी ने मामले को और बिगड़ने से रोक लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रांझी क्षेत्र की है जहाँ पीड़ित पिता और उनका पुत्र अपने निजी काम से जा रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे आरोपी ने उन पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी और पीड़ितों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था, जिसे लेकर पूर्व में भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। आज आरोपी ने सारी हदें पार करते हुए धारदार चाकू से पिता और पुत्र पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। हमले में पिता को गंभीर चोटें आई हैं, वहीं बीच-बचाव करने आए पुत्र पर भी आरोपी ने वार किए। घायलों को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से रांझी सिविल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हालत स्थिर बताई जा रही है।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय मुखबिरों की सक्रियता ने पुलिस का काम आसान कर दिया। रांझी थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली, तत्काल गश्ती दल को सक्रिय किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ-साथ आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस के बढ़ते दबाव और चारों तरफ से हुई घेराबंदी के कारण आरोपी ज्यादा दूर नहीं भाग सका और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हमले के पीछे क्या कोई और भी शामिल था या यह केवल व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम था।
इस घटना के बाद रांझी क्षेत्र के व्यापारियों और निवासियों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हिंसा कानून के खौफ को कम करती है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने जनता के बीच खोए हुए विश्वास को बहाल करने की कोशिश की है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और हुड़दंगियों या रंजिश पालने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विशेष रूप से नए साल की तैयारियों के बीच पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है ताकि इस तरह की अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। रांझी पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्यवाही को तेज कर दिया है।
अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह के तनाव की स्थिति पैदा न हो। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश न करें। आज की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराध करने वाला चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, वह पुलिस की पकड़ से बच नहीं सकता। फिलहाल पुलिस आरोपी का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है ताकि मामले में और कड़ी धाराएं जोड़ी जा सकें। जबलपुर पुलिस की इस त्वरित सफलता की वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सराहना की है और टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की जा सकती है।
