नल सूखा, बिल पूरा — मानपुर नगर परिषद की जलकर वसूली पर उठे सवाल /वार्ड 9 के रहवासियों को ₹1200 का नोटिस, भुगतान न करने पर कोर्ट की चेतावनी;

 

राहुल मिश्रा मानपुर -नगर परिषद मानपुर में जलकर वसूली को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 9 के रहवासियों का आरोप है कि उनके घरों तक आज तक नल से पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा जलकर के बिल भेजे जा रहे हैं और भुगतान न करने पर न्यायालयीन कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है। इससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।जानकारी के मुताबिक वार्ड 9 निवासी जगदीश प्रसाद गुप्ता (पिता नंदकिशोर गुप्ता) को नगर परिषद मानपुर की ओर से 9 फरवरी 2026 को एक पत्र प्राप्त हुआ। इस पत्र में 1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक का ₹1200 जलकर बकाया बताया गया है और सात दिवस के भीतर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में भुगतान न करने पर मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 164 (उपधारा 01 व 02) के तहत नल कनेक्शन विच्छेद कर वसूली के लिए प्रकरण न्यायालय भेजा जाएगा।लेकिन जब इस मामले की जमीनी हकीकत सामने आई तो तस्वीर कुछ और ही निकली। जगदीश प्रसाद गुप्ता सहित वार्ड 9 के कई रहवासियों का कहना है कि नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन मोहल्ले में जरूर डाली गई है, लेकिन आज तक उनके घरों में पानी की सप्लाई शुरू ही नहीं हुई।रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद ने कागजों में योजना पूरी दिखा दी, लेकिन धरातल पर पानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जब पानी ही नहीं मिल रहा तो फिर जलकर किस बात का वसूला जा रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद चुनाव के समय नेताओं द्वारा मूलभूत सुविधाएं, साफ पानी और विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन करीब तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद भी आज तक कई वार्डों में नियमित पानी की व्यवस्था तक नहीं हो पाई है। लोगों का आरोप है कि यह स्थिति नगर परिषद में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को दर्शाती है नगर परिषद द्वारा जलकर जमा न करने पर न्यायालय की धमकी देना आम जनता के साथ अन्याय और दबाव बनाने जैसा है। वार्डवासियों ने मांग की है कि पहले पूरे वार्ड का भौतिक सत्यापन कराया जाए और जिन घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, उनका जलकर तुरंत निरस्त किया जाए।इस मामले पर वार्ड पार्षद खुशबू गुप्ता ने भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने सीएमओ को अवगत कराते हुए कहा है कि पहले वार्ड के सभी घरों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। जिन घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां का जलकर निरस्त किया जाए और जल्द से जल्द पानी की व्यवस्था की जाए।फिलहाल यह मामला नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अगर वास्तव में बिना पानी दिए जलकर वसूला जा रहा है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं बल्कि आम जनता के साथ सीधा अन्याय भी माना जा सकता है।

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